खास रिपोर्ट
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भरतलाल गोयल।
जिले में जीजीआईसी स्कूलों में उप्र सिडको द्वारा समाजकल्याण के समन्वय से छात्राओं की सुबिधाओं के लिए दसदस टायलेटस का निर्माण कराया गया है। मुददतों बाद इनका निर्माण पूरा हुआ तो कालेज रूठ गए हैं। अब संस्थान टालेटस को टेकओवर नहीं कर रहे हैं। इसके पीछे कमियां मानी जा रही है।
जनपद के मांट, नौहझील, अंडीग सहित फरह ब्लाॅक के परखम और फरह के जीजीआईसी में भी दस दस शौचालयों का निर्माण कराया गया है। बीच बीच में निर्माण कार्य को लेकर विवाद भी हुए थे। इस लिए कई माह कार्य बंद रहा। अब दो साल बंद ये टायलेटस बनकर पूर्ण हुए। कालेजों को हेंडओवर किया गया तो कालेजों ने हाथ खडे कर दिए। हालांकि कुछ कालेजांे ने दबाव या आंख बंद कर इनको टेकओवर कर लिया है।
परखम में टायलेटस को कालेज प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी में ले लिया है ,लेकिन फरह में समस्या खडी हो गई है। यहां के कालेज में निर्मित शौचालय भी घटिया स्तर पर बनाया गया। यधपि तत्कालीन प्रिंसीपल डा राखी गुप्ता ने इसकी शिकायत प्रशासन को तभी की थी। कुछ समय के लिए निर्माण कार्य रूक गया था। इसके बाद राखी गुप्ता का यहां से स्थानान्तरण हो गया। कार्य के बीच में ही निर्माण का ठेका आगरा के किसी दूसरे ठेकेदार को दे दिया गया। दो साल बाद पिछले छह माह से शौचालय टेकओवर के लिए सफेद हाथी बनकर खडा है। कालेज प्रशासन का कहना है कि शौचालयों का निर्माण घटिया है। टैंक में दरारें । रेलिंग हिल रही हैं। वह कभी भी धराशाई हो सकती है। टायलेटस के अन्दर टाइल्स टूट रही हैं। वास्पेशन पाइप हल्के और घटिया लगाए गए हैं। शौचालय शीट धंस गई हैं। सबमर्सिबल में नंगी केबल पानी में डूब रही है। उसमें करंट आने की संभावना है। यदि कंरट आ गया तो किसी की भी जान ले सकता है। इन हालों में कालेज शौचालय को टेकओवर नहीं करेगा।
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वर्जन
हैंडओवर के लिए पत्र कालेज को मिला है। लेकिन टायलेटस में बहुत कमियां है। ठेकेदार घटिया निर्माण कर चला गया है। इस लिए कमियों के चलते कालेज अभी शौचालय को टेकओवर नहीं कर सकेगा।
नम्रता, प्रिंसीपल जीजीआईसी फरह






