केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान में आयोजित 125 वें राष्ट्रीय बकरी पालन प्रशिक्षण का समापन

फरह।देवेन्द्र गोस्वामी
केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान में आयोजित 125वें ऐतिहासिक राष्ट्रीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का गरिमामय वातावरण में विधिवत समापन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम देशभर के बकरी पालक किसानों, उद्यमियों एवं पशुपालन से जुड़े प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ।


कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संजय कुमार, चेयरमैन, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड, कृषि एवं शिक्षा विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ केक काटकर किया गया, जिससे आयोजन की ऐतिहासिक उपलब्धि को उत्साहपूर्वक चिह्नित किया गया। संस्थान के निदेशक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने डॉ. संजय कुमार का पटका पहनाकर, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर डॉ. संजय कुमार ने समस्त प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने बकरी पालकों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक बकरी पालन तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि “बकरी ही किसान की वेलेंटाइन है,” जो किसानों के लिए आय, पोषण एवं आर्थिक सुरक्षा का विश्वसनीय साधन है। उन्होंने बकरी पालन के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे शोध, नवाचार एवं तकनीकी हस्तांतरण की सराहना की तथा किसानों की आय वृद्धि, रोजगार सृजन एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में संस्थान के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
संस्थान निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने प्रशिक्षणार्थियों को सफल प्रशिक्षण की शुभकामनाएँ देते हुए वैज्ञानिक एवं आधुनिक बकरी पालन की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “बकरी किसानों के लिए एटीएम के समान है — एनी टाइम मिल्क, एनी टाइम मनी और एनी टाइम मीट।” उन्होंने स्पष्ट किया कि बकरी पालन कम लागत, त्वरित आय एवं पोषण सुरक्षा प्रदान करने वाला सशक्त एवं व्यावहारिक माध्यम है। साथ ही, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बकरी पालन में रेफ्रिजरेटर जैसी सुविधाओं की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि आवश्यकता अनुसार ताज़ा दूध प्राप्त किया जा सकता है।
निदेशक ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से आए किसानों को आधुनिक प्रबंधन, संतुलित पोषण, स्वास्थ्य देखभाल, रोग नियंत्रण, प्रजनन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास से संबंधित महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। इससे प्रतिभागियों के ज्ञान, कौशल एवं आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो भविष्य में उनकी उत्पादकता एवं आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।
संस्थान में आयोजित होने वाले विभिन्न प्रशिक्षण एवं प्रसार कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी डॉ. ए. के. दीक्षित, प्रधान वैज्ञानिक, प्रसार शिक्षा विभाग द्वारा दी गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ए. के. वर्मा, वरिष्ठ वैज्ञानिक द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, व्यावहारिक एवं प्रेरणादायी बताया। इस प्रकार, 125वां ऐतिहासिक राष्ट्रीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो वैज्ञानिक एवं आधुनिक बकरी पालन के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में अंकित हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, संस्थान निदेशक, प्रशिक्षणार्थियों के साथ-साथ संस्थान के विभिन्न वैज्ञानिक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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