क्षेत्रीय कबड्डी प्रतियोगिता में ब्रज और मेरठ प्रांत का जादू छाया रहा।
दीनदयाल धाम।देवेन्द्र गोस्वामी

बालिका और बालक वर्ग में दोनों प्रांतों की टीमों के खिलाड़ियों ने अपने खेल से अव्वल बनाने में योगदान दिया। समापन पर टीमों को पुरस्कार दिए गए, जबकि सहभागिता करने वाले सभी खिलाड़ियों को प्रमाण बांटे गए।
पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल परिसर में चल रही 37 वीं कबड्डी प्रतियोगिता का समापन बुधवार देर रात को हुआ। चार दिन चली प्रतियोगिता में ब्रज प्रांत, मेरठ और उत्तराखंड के 40 विद्यालयों के लगभग 400 से अधिक खिलाड़ी और प्रशिक्षकों ने सहभागिता की।
अंडर-14 बालिका वर्ग में दयावती दीवान सिंह शुक्ला सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज सिकंदराबाद प्रथम, हनुमान प्रसाद धनुका सरस्वती बालिका विद्या मंदिर वृंदावन ,द्वितीय सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल एटा तृतीय स्थान पर रहे। अंडर-17 बालिका वर्ग में ब्रह्मा देवी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर हापुड प्रथम, हनुमान प्रसाद धानुका बालिका विद्या मंदिर वृंदावन द्वितीय, सरस्वती विद्या मंदिर धामपुर तृतीय स्थान पर रहे। अंडर-19 बालिका वर्ग में पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल दीनदयाल धाम प्रथम, सरस्वती विद्या मंदिर धामपुर द्वितीय, गणेशराम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर बलकेश्वर आगरा तृतीय स्थान पर रहे।
बालक वर्ग अंडर-14 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल दीनदयाल धाम प्रथम, सरस्वती विद्या मंदिर शाहपुर द्वितीय, सरस्वती विद्या मंदिर छाता तृतीय स्थान पर रहे। अंडर- 17 बालक वर्ग में सरस्वती विद्या मंदिर बुलंदशहर प्रथम, सरस्वती विद्या मंदिर चरथावल द्वितीय, सरस्वती विद्या मंदिर खुर्जा तृतीय स्थान पर रहे। अंडर-19 बालक वर्ग में सरस्वती विद्या मंदिर बाबूगढ़ प्रथम, परमेश्वरी देवी धानुका वृंदावन द्वितीय, सरस्वती विद्या मंदिर बुलंदशहर तृतीय स्थान पर रहे।
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समापन पर वितरण किए पुरस्कार-
प्रतियोगिता के समापन पर टीमों को पुरस्कार वितरण गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र सौंपे गए। क्षेत्रीय खेल सह संयोजक प्रेम शंकर ने स्थान पाने वाली टीमों को बधाई दी।
शुभारंभ दीनदयाल धाम स्मारक के निदेशक सोनपाल सिंह, विद्यालय प्रबंधक नरेंद्र कुमार पाठक , क्षेत्रीय खेल सहसंयोजक रविंद्र मोहन शर्मा, प्रधानाचार्य लोकेश्वर प्रताप, खेल संयोजक रविकांत रहे।






