MANT-पोंटून पुल पर चढ़ने को गुजरना पड़ता है पानी से,देखें वीडियो

हरेकृष्ण गोयल

चार माह में भी लोनिवि नहीं करा सका मरम्मत

-मात्र 20 हजार खर्च होने हैं मरम्मत में

मांट। हजारों की तादाद में लोग रोजाना जान हथेली पर रखकर मांट से वृंदावन पहुंच रहे हैं,तीन फुट गहरे पानी में चलकर पोंटून पुल तक लोग पहुंच पाते हैं। पूर्व में अखिलेश यादव सरकार द्वारा पोंटून पुलों को टैक्स फ्री किये जाने के बाद से पोंटून पुल को  लोक निर्माण विभाग का प्रांतीय खण्ड चला रहा है।पर विभाग इसकी व्यवस्थाओं को लेकर कभी गम्भीर दिखाई नहीं दिया, फरवरी माह में यमुना में जल स्तर बढ़ने से मांट की ओर की मिट्टी पानी मे बह गई,हालांकि पुल को कोई नुकसान नहीं हुआ।पर तब से लेकर अभी तक विभाग ने कोई ध्यान ही नहीं दिया। हालात यह हैं कि पुल से मांट की ओर तेज वहाब में पानी चल रहा है,शनिवार की सुबह करीब तीन फुट पानी से बाइक,पैदल,घोड़ा गाड़ी,बैल गाड़ी,साइकिल निकल रहे थे।करीब 10 फुट में यमुना का तेज बहाव में पानी चल रहा है। पेंट पजामा उतार कर पुल तक पहुंचते हैं लोग पोंटून पुल तक पहुंचने के लिए लोगों को तीन फुट गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ता है इसके लिए उन्हें पेंट पजामा,धोती आती उतारनी पड़ती है,ऐसे में महिलाओं को ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ता है।

मात्र 5 किलोमीटर है मांट से वृंदावन

पोंटून पुल से होकर मांट से वृंदावन की दूरी मात्र 5 किलोमीटर है,इस पोंटून पुल को पार कर रोजाना हजारों ग्रामीण वृन्दावन जाते हैं,जिसमें बड़ी तादाद में दूधिया व सब्जी आदि बेचने वाले भी शामिल हैं।क्यों कि पानीगांव होते हुए वृंदावन की दूरी 16 किलोमीटर है। ग्राम प्रधान ने मरम्मत का दिया ऑफर यमुना नदी के किनारे बसी बेगमपुर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि कन्हिया लाल ने एक बार फिर  कहा है कि यदि लोक निर्माण विभाग के पास पुल की मरम्मत को पैसा नहीं है तो वह अपनी ग्राम पंचायत के खर्चे पर पुल मरम्मत कराने को तैयार हैं,बशर्ते कि अधिकारी इसके लिए उन्हें लिखित में आदेश करें। वहीं पोंटून पुल पर मिले मांट मूला निवासी बच्चू दूधिया ने कहा कि अधिकारी मरम्मत की मना करें तो यहां से रोजाना गुजरने वाले चन्दा करके इसकी मरम्मत करा सकते हैं।

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