-फरह में करोड़ो की कीमत की ऎसी भूमि है
भरत लाल गोयल, पीडि़यू समाचार

फरह | कस्बे में हाइवे किनारे करोड़ो की मूल्य वाली कस्टोडियन भूमि को हड़पने के लिए भूमाफिया ने साजिश रचना शुरु कर दिया है | वरन फर्जी बैनामा तैयार कर कुछ भूमि पर कब्जा भी कर लिया है | शिकायत के बाद भी पूरा प्रशासन आँख बंद कर बैठा है |
दरअसल भारत पाक विभाजन के समय संपत्ति का भी बंटवारा हुआ | ऎसे मुस्लिम जिनका कोई वारिस नहीं था और वे अपनी संपत्ति को छोड़ कर पाकिस्तान चले गए, एसी संपत्ति को भारत सरकार ने गृह मंत्रालय के अधीन कर कस्टोडियन भूमि घोषित कर दिया | फरह में भी कई बीघा ऎसी जमीन हाइवे किनारे बिखरी पड़ी है | जिसके एक हिस्से पर कब्जा कर निर्माण भी करा दिया गया है | अब पूरी भूमि को हड़पने की साजिश में भूमाफ़िआ लगे हैं | इस मामले में प्रशासन से शिकायत भी की गई थी ¦ तत्कालीन एसडीएम चाँदनी सिंह ने शिकायत के आधार पर स्टे दे दिया | अब भूमाफ़िआ ने फर्जी बैनामा तैयार भी कर लिया है, जिसमे दिखाया गया है कि जमीन के स्वामियों ने पाकिस्तान से आकर उनके नाम बैनामा किया है, जो संभव नहीं है | क्यूँ कि नियमानुसार ऎसी भूमि का बैनामा नहीं हो सकता |माफिया को *संरक्षण देने में जुटा प्रशासन
माफियाओं ने इसे हड़पने का षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया है | पाक से आकर कर गए बैनामा शत्रु संपत्ति पर चल रहे कब्जे से प्रशासन पर भी उंगली उठ रही हैं। सवाल उठ रहा है पाकिस्तान गए लोग कैसे भारत आकर बैनामा कर गए।शिकायतकर्ता भी मिला भूमाफिया से शत्रु संपत्ति को लेकर शिकायत करने वाले कस्बा का एक अधिवक्ता भी भूमाफिया से मिल चुका है। बराबरी का हिस्सा हड़पने के फेर में अधिवक्ता और भूमाफिया जमीन पर कब्जा करने में जुटे हुए हैं। पूर्व में हुई जांच में यह शत्रु संपत्ति साबित हुई तो तत्कालीन एसडीएम चांदनी सिंह ने इस पर स्थगन भी जारी किया था। आयुक्त तक यह मामला पहुंचा, लेकिन किसी अफसर ने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया।






