90 घंटों से उत्पादन ठप, विद्युत विभाग की लापरवाही से उद्यमियों में भारी आक्रोश

मथुरा।देवेन्द्र गोस्वामी

औद्योगिक क्षेत्र साइट-बी, मथुरा में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाने के कारण पिछले लगभग 90 घंटों से उद्योगों का उत्पादन गंभीर रूप से प्रभावित है। क्षेत्र में हाल ही में आरएमयू (RMU) स्थापित किए जाने के बावजूद विद्युत आपूर्ति की स्थिति में सुधार होने के बजाय लगातार बिगाड़ देखने को मिल रहा है। बार-बार लाइन का दो फेस होना, फाल्ट की पुनरावृत्ति तथा समय पर स्थायी समाधान न होने के कारण उद्यमियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।


रिफाइनरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी पिछले चार दिनों से लगातार विद्युत संकट झेल रहे हैं। अनेक फैक्ट्रियों में उत्पादन बार-बार बाधित हो रहा है, मशीनें प्रभावित हो रही हैं, श्रमिकों का समय व्यर्थ जा रहा है तथा निर्धारित समय पर ग्राहकों को माल की आपूर्ति करना कठिन हो गया है। इससे उद्योगों की साख एवं व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि उद्योगों द्वारा समय पर विद्युत बिलों का भुगतान किए जाने के बावजूद उन्हें गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्राप्त नहीं हो पा रही है। यह अत्यंत चिंताजनक विषय है कि आरएमयू जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था स्थापित होने के बाद भी यदि बार-बार लाइन दो फेस हो रही है तो इसके कारणों की गहन तकनीकी जांच कर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर लगातार विद्युत विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। मुख्य अभियंता महोदय से वार्ता के उपरांत उन्होंने स्वयं संज्ञान लेते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को तत्काल तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से समस्या का समाधान करने तथा उद्यमियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
उद्यमियों का कहना है कि यदि विद्युत विभाग समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर पा रहा है तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आखिर बार-बार उत्पन्न हो रही तकनीकी खराबी का वास्तविक कारण क्या है। उद्योगों को यह जानने का अधिकार है कि करोड़ों रुपये के उत्पादन, सैकड़ों श्रमिकों की आजीविका तथा क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियां आखिर कब तक इस प्रकार प्रभावित होती रहेंगी।
रिफाइनरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने मांग की है कि विद्युत विभाग उच्च स्तरीय तकनीकी टीम गठित कर आरएमयू एवं संबंधित विद्युत तंत्र की विस्तृत जांच कराए, दोषियों की जवाबदेही तय करे तथा भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए स्थायी कार्ययोजना घोषित करे।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र एवं संतोषजनक समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के उद्यमी सामूहिक रूप से आगे की रणनीति बनाने के लिए बाध्य होंगे। उद्योगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है और उद्यमी केवल आश्वासन नहीं बल्कि परिणाम देखना चाहते हैं।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक उद्यमियों ने भी विद्युत विभाग से मांग की कि औद्योगिक क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए, जिससे उत्पादन सामान्य हो सके और उद्योगों को हो रहे आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

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